Author(s):
बिहारी लाल पटेल, सी0 एल0 प्रजापति
Email(s):
biharilalpatelchp@gmail.com
DOI:
10.52711/2454-2687.2026.00011
Address:
बिहारी लाल पटेल1, सी0 एल0 प्रजापति2
1शोध छात्र, अर्थशास्त्र अध्ययनशाला एवं शोध केन्द्र महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, छतरपुर, म0प्र0, भारत ।
2सह-प्राध्यापक, अर्थशास्त्र अध्ययनशाला एवं शोध केन्द्र महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, छतरपुर, म0प्र0, भारत ।
*Corresponding Author
Published In:
Volume - 14,
Issue - 1,
Year - 2026
ABSTRACT:
भारत की अनुसूचित जनजातियाँ आर्थिक एवं सामाजिक दोनों स्तरों पर ऐतिहासिक रूप से उपेक्षित समुदायों में आती हैं। मध्यप्रदेश की जनजातीय आबादी का बड़ा हिस्सा आज भी गरीबी, सीमित आय-स्रोत, अपर्याप्त शिक्षा, स्वास्थ्य-सुविधाओं की कमी और संसाधनों पर सीमित अधिकार जैसी चुनौतियों से घिरा हुआ है। पन्ना जिला जनजातीय-प्रभावित जिलों में से एक है, जहाँ विशेषतः गोंड, कोल, बैगा आदि समुदायों की उपस्थिति उल्लेखनीय है। प्रस्तुत शोध-पत्र में पन्ना जिले की अनुसूचित जनजातियों की आर्थिक स्थिति का आय, रोजगार, भूमि-स्वामित्व, आजीविका-विविधता, सरकारी योजनाओं की पहुँच, और सामाजिक-आर्थिक अवसंरचना के संदर्भ में समीक्षात्मक विश्लेषण किया गया है। अध्ययन यह स्पष्ट करता है कि यद्यपि सरकारी योजनाओं और सामाजिक-विकास कार्यक्रमों के विस्तार से सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं, फिर भी गरीबी, अल्पभूमि-स्वामित्वए शिक्षा-असमानता और रोजगार-असुरक्षा जैसी समस्याएँ कायम हैं। हैं।
Cite this article:
बिहारी लाल पटेल, सी0 एल0 प्रजापति. अनुसूचित जनजाति की आर्थिक स्थिति का समीक्षात्मक अध्ययन (पन्ना जिले के विशेष संदर्भ में). International Journal of Reviews and Research in Social Sciences. 2026; 14(1):64-8. doi: 10.52711/2454-2687.2026.00011
Cite(Electronic):
बिहारी लाल पटेल, सी0 एल0 प्रजापति. अनुसूचित जनजाति की आर्थिक स्थिति का समीक्षात्मक अध्ययन (पन्ना जिले के विशेष संदर्भ में). International Journal of Reviews and Research in Social Sciences. 2026; 14(1):64-8. doi: 10.52711/2454-2687.2026.00011 Available on: https://www.ijrrssonline.in/AbstractView.aspx?PID=2026-14-1-11
सन्दर्भ (References):
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