Author(s):
Vijender Singh Dhull, Monika Kadian
Email(s):
drvijaydhull1976@gmail.com
DOI:
10.52711/2454-2687.2026.00021
Address:
Vijender Singh Dhull1, Monika Kadian2
1Assistant Professor, Department of History, Kurukshetra University Kurukshetra, Haryana, India.
2Research Scholar, Department of History, Kurukshetra University Kurukshetra, Haryana, India.
*Corresponding Author
Published In:
Volume - 14,
Issue - 2,
Year - 2026
ABSTRACT:
लोक साहित्य किसी समाज की सामूहिक स्मृति, सांस्कृतिक अनुभव और ऐतिहासिक चेतना का जीवतं दस्तावजे होता है। इतिहास केवल राजाओं, युद्धों और राजनीतिक घटनाओं का क्रमबद्ध विवरण नहीं है, बल्कि वह जन-साधारण के जीवन, संघर्ष, भावनाओं, रीति-रिवाजों और सामाजिक सरं चना से भी निर्मित होता है। इसी दृष्टि से हरियाणा के प्रसिद्ध लोककवि फौजी मेहर सिंह का काव्य अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। फौजी मेहर सिंह ने अपने काव्य में हरियाणा के ग्रामीण जीवन, सैनिक परंपरा, राष्ट्रीय भावना, सामाजिक संबंधों स्त्री-पुरुष जीवन, पारिवारिक सरं चना, लोक-नैतिकता और तत्कालीन सामाजिक परिवेश को सहज लोकभाषा में अभिव्यक्त किया। उनके गीतों और रागनियों में केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि इतिहास के वे पक्ष भी सुरक्षित हैं जिन्हें औपचारिक इतिहास लेखन कई बार उपेक्षित कर देता है। उनके काव्य में सैनिक जीवन की पीड़ा, देशभक्ति, युद्धकालीन अनुभव, ग्रामीण समाज की मानसिकता, लोकविश्वास और सामूहिक चेतना का स्पष्ट चित्र मिलता है। इसलिए फौजी मेहर सिंह का काव्य लोक साहित्य के साथ-साथ ऐतिहासिक स्रोत के रूप में भी अध्ययन योग्य है। मुख्य शब्दः लोक साहित्य, ऐतिहासिक स्रोत, फौजी मेहर सिंह, हरियाणवी काव्य, रागनी, सैनिक जीवन, लोक इतिहास।
Cite this article:
Vijender Singh Dhull, Monika Kadian. फौजी कवि मेहर सिंह का काव्यः हरियाणा के लोकसाहित्य का ऐतिहासिक अध्ययन. International Journal of Reviews and Research in Social Sciences. 2026; 14(2):123-6. doi: 10.52711/2454-2687.2026.00021
Cite(Electronic):
Vijender Singh Dhull, Monika Kadian. फौजी कवि मेहर सिंह का काव्यः हरियाणा के लोकसाहित्य का ऐतिहासिक अध्ययन. International Journal of Reviews and Research in Social Sciences. 2026; 14(2):123-6. doi: 10.52711/2454-2687.2026.00021 Available on: https://www.ijrrssonline.in/AbstractView.aspx?PID=2026-14-2-6
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