ABSTRACT:
भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी का इतिहास उतार.चढ़ाव भरा रहा है। वैदिक काल में महिलाएँ राजनीतिक, आर्थिक और धार्मिक मामलों में सक्रिय रूप से भाग लेती थीं, लेकिन उत्तरवैदिक काल में स्मृतियों के आगमन के साथ उनकी स्थिति में गिरावट आने लगी। मध्यकालीन भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी काफी हद तक प्रतिबंधित हो गई, हालाँकि रजिया सुल्तान, रानी रुद्रमा देवी और अहिल्याबाई होलकर जैसी अपवादस्वरूप महिलाएँ शासन में आईं। औपनिवेशिक काल में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महिलाओं की राजनीतिक चेतना और संगठनशक्ति में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। स्वतंत्रता के बाद, भारतीय संविधान ने महिलाओं को राजनीतिक समानता का अधिकार प्रदान किया, लेकिन उच्च निर्णयन स्तरों पर उनकी उपस्थिति अत्यंत सीमित रही। 1993 के 73वें और 74वें संशोधनों ने पंचायती राज संस्थाओं में 33% आरक्षण लागू कर महिलाओं की भागीदारी में महत्वपूर्ण वृद्धि की, फिर भी संसद और विधानसभाओं में उनका प्रतिनिधित्व आज भी केवल 14% और 9% के आसपास है। वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत महिलाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण में रवांडा (63.75%), नॉर्डिक देशों (44.46%) और दक्षिण अफ्रीका (43%) से काफी पीछे है।
यह शोध आलेख ऐतिहासिक और समकालीन परिप्रेक्ष्य में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी का विश्लेषण करता है। अध्ययन में वैदिक, उत्तरवैदिक, मध्यकालीन, औपनिवेशिक और स्वतंत्रता-उत्तर काल का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। साथ ही, समकालीन भारत में महिलाओं की भागीदारी की प्रवृत्तियों, बाधाओं तथा संभावनाओं का आलोचनात्मक परीक्षण किया गया है। अध्ययन में यह पाया गया कि संवैधानिक प्रावधानों और नीतिगत हस्तक्षेपों के बावजूद संरचनात्मक असमानताएँ अभी भी महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सीमित करती हैं।
Cite this article:
Raj Kumar Singh. भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी: प्रवृत्तियाँ, चुनौतियाँ और संभावनाएँ. International Journal of Reviews and Research in Social Sciences. 2026; 14(3):143-8. doi: 10.52711/2454-2687.2026.00025
Cite(Electronic):
Raj Kumar Singh. भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी: प्रवृत्तियाँ, चुनौतियाँ और संभावनाएँ. International Journal of Reviews and Research in Social Sciences. 2026; 14(3):143-8. doi: 10.52711/2454-2687.2026.00025 Available on: https://www.ijrrssonline.in/AbstractView.aspx?PID=2026-14-3-4
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