ABSTRACT:
यह शोध पत्र रायपुर जिले के चयनित धार्मिक स्थलों से जुडे लाभार्थियों की कार्यिक दशा का अध्ययन प्रस्तुत करता है। धार्मिक स्थल केवल आस्था के केंद्र नहीं होते, बल्कि वे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका का महत्वपूर्ण स्रोत भी है। इस अध्ययन में धार्मिक स्थलों से जुडे पुजारी, प्रसाद विक्रेता, फूल विक्रेता, छोटे दुकानदार, भिक्षुक तथा अन्य सेवा प्रदाताओं की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन हेतु रायपुर जिले के कुछ प्रमुख धार्मिक स्थलों का चयन किया गया तथा प्राथमिक एवं द्वितीयक तथ्यों का उपयोग किया गया। प्राथमिक तथ्यों के लिए साक्षात्कार एवं अनुसुची पद्धति अपनाई गई। अध्ययन से ज्ञात हुआ कि धार्मिक स्थलों से अनेक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होता है, किंतु अधिकांश लाभार्थियों की आय अनिश्चित एवं असंगठित स्वरूप की है। शोध में यह भी पाया गया कि धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि से स्थानीय रोजगार के अवसर बढते हैं। इसके साथ ही लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधा एवं स्थायी आय जैसी समस्याओं का सामना करना पडता है। अध्ययन के आधार पर सुक्षाव दिया गया है कि धार्मिक स्थलों से जुडे लाभार्थियों के लिए सरकारी सहायता, प्रशिक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार किया जाना चाहिए।
Cite this article:
वर्षा साहू. रायपुर जिले में चयनित धार्मिक स्थलों के लाभार्थीयों की कार्यिक दशा का अध्ययन. International Journal of Reviews and Research in Social Sciences. 2026; 14(3):149-8. doi: 10.52711/2454-2687.2026.00026
Cite(Electronic):
वर्षा साहू. रायपुर जिले में चयनित धार्मिक स्थलों के लाभार्थीयों की कार्यिक दशा का अध्ययन. International Journal of Reviews and Research in Social Sciences. 2026; 14(3):149-8. doi: 10.52711/2454-2687.2026.00026 Available on: https://www.ijrrssonline.in/AbstractView.aspx?PID=2026-14-3-5
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